बीघापुर, उन्नाव। विकासखंड क्षेत्र की आशा बहुओं और संगिनियों ने गुरुवार सुबह विभिन्न मांगों को लेकर बीघापुर स्वास्थ्य केंद्र के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मानदेय बढ़ाने और विभिन्न अभियानों में किए गए कार्यों का लंबित भुगतान कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज पांडेय को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए आशा कार्यकर्ता ब्लॉक अध्यक्ष रेखा देवी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अभियानों में आशा कार्यकर्ताओं से लगातार जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं, लेकिन इसके अनुपात में उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 21 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की।
आशा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में बताया कि आयुष्मान कार्ड निर्माण में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन कार्य का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इसके अलावा संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान में भी आशाओं से कार्य लिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पल्स पोलियो अभियान में उन्हें मात्र 75 रुपये का भुगतान किया जाता है, जबकि अन्य कर्मियों को इसके लिए अधिक पारिश्रमिक मिलता है।
कार्यकर्ताओं ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग के लिए लगाए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में जिम्मेदारी निभाने के बावजूद भुगतान में देरी से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरने के दौरान संगिनियों पुष्पलता, नीतू, मीना श्रीवास्तव, अर्चना, साधना, रेनू और बबीता ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम 21 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित किए जाने की मांग रखी। इस दौरान मनोरमा, शालिनी, उर्मिला, सुमन समेत बड़ी संख्या में आशा बहुएं मौजूद रहीं।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज पांडेय ने आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाकर निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
