पाटन (उन्नाव)। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार शुक्रवार को तहसील बीघापुर मुख्यालय स्थित पाटन सभागार में वन स्टॉप सेंटर की टीम द्वारा महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी रणवीर सिंह ने की, जबकि संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमा नाथ राय के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की थीम “अनंता – प्रेरक महिलाओं एवं बालिकाओं की पहचान व सम्मान” रही। इस अवसर पर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली प्रेरक महिलाओं की कहानियां साझा की गईं। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया गया।
सेंटर मैनेजर एकता श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम महिलाओं और बालिकाओं को हर संभव सहायता प्रदान करती है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में आत्मरक्षा के उपाय बताते हुए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों — महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस 112, चाइल्डलाइन 1098, महिला सहायता 1076, एम्बुलेंस 108 और अग्निशमन सेवा 101 — की विस्तृत जानकारी दी।
बाल विवाह रोकथाम पर विशेष चर्चा करते हुए बताया गया कि विवाह की न्यूनतम आयु लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। किसी भी अवैध विवाह या संबंधित घटना की सूचना तत्काल हेल्पलाइन पर देने की अपील की गई।
उपजिलाधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर योजना वर्ष 2015 में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा निर्भया फंड से प्रारंभ की गई थी। इस योजना का उद्देश्य हिंसा, घरेलू उत्पीड़न, यौन शोषण, एसिड अटैक जैसी घटनाओं से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं — चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, पुलिस सहायता, अस्थायी आश्रय, मनोवैज्ञानिक परामर्श और आर्थिक पुनर्वास — उपलब्ध कराना है।कार्यक्रम में केस वर्कर प्रिया शुक्ला तथा चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी अंबरीस अवस्थी ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान स्टाफ नर्स सुनीता यादव, विकासखंड सुमेरपुर एवं बीघापुर की बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं।
