सह – संपादक/ सूर्यपाल (प्रोटेक )
लखनऊ। बंथरा स्थित शेखर कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड नर्सिंग में 25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में बदलती तकनीक, नवीन शोध, व्यावहारिक ज्ञान तथा समाज के प्रति फार्मासिस्ट की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। रंगोली, पोस्टर, शैक्षिक मॉडल प्रदर्शनी, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य जागरूकता, फार्मासिस्ट की भूमिका और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के जरिए दवाओं के सही उपयोग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
संस्थान के चेयरमैन सी.एल. शेखर ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी विकसित करना चाहिए, जिससे वे भविष्य में समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
मैनेजिंग डायरेक्टर निहित कुमार शेखर ने कहा कि फार्मेसी शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को कुशल, जिम्मेदार और संवेदनशील स्वास्थ्य पेशेवर के रूप में तैयार करना है। उन्होंने तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में विद्यार्थियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
प्रबंधाचार्य राजू गौतम ने कहा कि एक सक्षम फार्मासिस्ट के लिए विषय का ज्ञान, व्यावहारिक कौशल, अनुशासन, शोध की समझ और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कक्षा में प्राप्त ज्ञान को प्रयोगशाला और वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का आह्वान किया।
एम.जी. इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच फार्मासिस्ट की भूमिका लगातार व्यापक हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ रिसर्च, कम्युनिकेशन स्किल और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न शैक्षिक मॉडल और पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। औषधीय पौधों, स्वास्थ्य जागरूकता, फार्मेसी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत की। रंगोली प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने आकर्षक और संदेशपरक रंगोलियां बनाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत और कविता सहित विभिन्न प्रस्तुतियां हुईं। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से दवाओं के उचित उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और फार्मासिस्ट की सामाजिक भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, जागरूकता और फार्मेसी क्षेत्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
